अब क्या कहूं,जब से तुम्हें देखा है मैं ने,
तुम्हारी मुहब्बत का हर रंग मेरी रुह में उतर गया है सनम,
तुम्हारे बारे में सोचना , तुम्हें चाहना मेरी आदत में ढल गया है सनम,
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