पानी पानी पानी जिधर देखो नजर आता है पानी
काट कर पेड़ों को बोई है कंक्रीट की यादें सुहानी
पक्की सड़क पक्के मकान और सब कुछ पक्का
जमीन प्यासी रहेगी गुजर जायेगी पानी की जवानी.
-दिनेश चौहान
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