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बीता हुआ सपना

                
                                                         
                            आजादी
                                                                 
                            
जहां
बीता हुआ सपना है
दहशत में
जी रहा बस
एक गांव अपना है.

कम्मो की तरुणाई
मुखिया को रास आई
सुखिया की मजबूरी
राम नाम जपना है.
दहशत में
जी रहा
बस
एक गांव अपना है.

- दिनेश चौहान
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38 मिनट पहले

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