आजादी का जश्न मनाया खूब बजाईं तालियां
खुश होकर लौटे बच्चे घर की खाली थालियां.
इस दिन सड़के साफ दिखी मन भाया सबका
अगले दिन फिर उफनायीं बाहर वाली नालियां .
राष्ट प्रेम के नारों संग झंडे सारे जो हमने लहराए
डंडों से निकले झंडे उड़ते पालीथीन सी थैलियां.
ध्वज का मत अपमान करो, इसका सम्मान करो
कभी धरा ना छूने पाये खूब बजाओ फिर तालियां .
दिनेश चौहान
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