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आदिवासियों का देवता

                
                                                         
                            आदिवासियों का देवता,
                                                                 
                            
किसी मंदिर या गिरजाघर में नही रहता,
मस्जिदों की मीनारों, गुंबदों में नही रहता,
वह रहता है खुले मैदानों में, नदियों में,
पेड़ों की छालों से लेकर महुआ की महक में,
तुमने जो अपने मानचित्र में दर्शाये हैं,
कुछ बिंदुओं के गोलों से,
जिन पहाड़ों को तुमने बताया है,
‘सोना, लोहा, तांबा और कोयला इत्यादि का भंडार,’
उन्हीं के अयस्कों में रहता है, आदिवासियों का देवता।
-ध्रुव यादव
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45 मिनट पहले

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