बेगुनाहों को तुमने मारा क्या था उनका कसूर |
धर्म पूछ कर तुमने तो उजाडा उनका सिंदूर||
आमने-सामने की लड़ाई में होती तुम्हारी हार|
इसलिए तुम करते हो छुप छुप कर वार||
जोर लगाओ कितना भी भारत ना अब टूटेगा|
दूर नहीं वह दिन पाकिस्तान फिर जब बटेगा||
तुमसे ना संभल पाता बलूचिस्तान|
मांगते हो कश्मीर ,कैसे देंगे वो तो है भारत की शान||
कहते हैं दूध मांगोगे तो खीर देंगे, कश्मीर मांगोगे तो चीर देंगे |
1971 का दर्द हम तुम्हें फिर देंगे||
इस बार ना छोड़ेंगे तुम्हें भारत कहर बनकर बरपेगा|
पाकिस्तान का हर एक आदमी बूंद बूंद पानी को तरसेगा ||
आज नहीं तो कल होगा पीओके पर हमारा कब्जा |
क्योंकि भारतीय सेना जैसा नहीं है किसी का जज्बा ||
चुन चुन कर तुमको मारेंगे ,आर्मी हमारी शिकारी है|
एक दिन पाकिस्तान को बनाना हमे भिखारी है||
देख लिया हमने भी क्या होता है चीनी माल|
23 मिनट में हमने तो किया तुम्हारा बुरा हाल ||
ना कर सके तुम हमारा एकभी बाका बाल |
सौफ दो हाफिज सईद नहीं तो उतरेगी तुम्हारी खाल||
47 में तुमने भारत मां को तोड़ा था|
आतंकवाद से तुमने फिर नाता जोड़ा था ||
फिर भी ना रुके तुम ,तुमने फिर कश्मीर तोड़ा था |
पूछो उन पंडितों से उन्होंने क्या-क्या छोड़ा था ||
बस हुआ अब हमारी बारी है|
सीजफायर हुआ है जंग तो अबभी जारी है ||
अभी तो सिर्फ मैदान में आकाश और ब्रह्मोस उतारे है|
बाकी अबभी पृथ्वी अग्नि जैसे कितने सितारे है||
मत भूलना तुम नूर खान एयरबेस तो बस झांकी है|
सावधान ,क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर अभी बाकी है||
- धीरज विनायकराव जायले
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