वैसे तो जाते वक्त मुझे मार कर गया
चेहरा बता रहा था कि वो हार कर गया
दुश्मन को दोस्त करने में धोखा ये हुआ
जैसे ही मैंने पीठ की वह वार कर गया
जाने किसके कत्ल का इल्जाम मुझपे है
इस उम्र में मुझको गुनहगार कर गया
मेरे तमाम ऐब गिनाकर चला गया पर
जाते वक्त न जाने क्यों प्यार कर गया
उसके जाने का मुझे होता न यूँ मलाल
आंसू गिरा गिरा के गुनहगार कर गया
खुद को तो ईमान में कायम न रख सका
अपना समझ मुझको ख़बरदार कर गया
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