दोस्ती कोई हिसाब नहीं होती,
ये तो बस एक अहसास होती है।
जहाँ लफ्ज़ कम, समझ ज्यादा है,
जहाँ गुस्सा है, पर दिल साफ ज्यादा है।
तू हँसे तो मेरी शाम बन जाए,
तू रूठे तो दिल परेशान हो जाए।
वक्त बदलेगा, लोग बदलेंगे,
पर हम वैसे ही, वही रहेंगे।
तू है तो हर गम आधा है,
तेरे बिना तो सब ज्यादा है।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X