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उम्मीद

                
                                                         
                            उम्मीद मत खोना
                                                                 
                            
मायूस ना होना
जो होना होगा वो तो होगा
तू पल पल ना रोना
ज़िंदगी कभी साथ देगी
कभी हाथ छोड़ देगी
कभी दिल बहलायेगी ये
कभी दिल तोड़ देगी
ये ही होता है यहाँ
कभी कुछ पा लेता है
और कभी कुछ खो जाता है
जो सोचते नहीं हम
वो भी कभी हो जाता है
मर्ज़ी कभी चलती नहीं
अर्ज़ी कभी ख़ारिज होती है
यहाँ होता वो ही
है यहाँ जो मर्ज़ी रब
की होती है


- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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6 वर्ष पहले

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