हम अस्सी घाट के अड्डेबाज।
फेंकू , फक्कड़ ,हवाबाज ।।
पी एच डी इन, थेथरोलाजी
जिंदादिल ,अल्हड़, मनमौजी
हम चाय और पान के भुक्खड़
पाये जाते , घाट और नुक्कड़।।
झगड़ते बिना हुए नाराज।
हम अस्सी के......
वाक्युद्ध के अपराजेय योद्धा
बहंसबाजी के, स्वयंभू पुरोधा
चाहो हो, चुनाव पर चर्चा
या हो लीक नीट का पर्चा ।
सबका रखते अद्यतन राज़ ।।
हम अस्सी के......
न्याय हो या अर्थ नीति
बातें करते जैसे आपबीती
ज्यूं ही चाय हलक तक जाय
या पान की पीक बाहर आय
लेती 'पीक-अप' अडी-भांज।
हम अस्सी के......
हर अडी का होता एक गुरु
चर्चाओं का करता अंत शुरू
कह जय शिव शंभू, महाकाल
आगाज़ करता अपनी भौकाल
अडडी सदस्यों का वो लाज।
हम अस्सी के......
घाटों पर, बैठे कुछ लोग
गंगा निहारना इनका रोग
रोज लगाया , करते अड्डे
गंगा देखते,कभी चांद के गड्ढे
सिर पर रखे इन्हें शंभू विराज।
हम अस्सी के......
घाटों को ये अड्डेबाज
इनकी अड्डी की अलग अंदाज़
संगीत ,साहित्य में अभिरुचि
बेकार के बहसों से , अरूची।
साधक,साधू,स्व से नाराज।।
हम अस्सी के......
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