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न्याय, बंधुता स्वतंत्रता और समानता ऐ मास्टर

                
                                                         
                            सवाल यह नहीं कि पूछा क्यों,
                                                                 
                            
सवाल यह है कि आपने पूछा कैसे,
सवाल पूछना पूछना नहीं होता है,
वो होता है अपने हक हकूक की बात,
इसलिए सवालों को कर दिया जाता है नजर अंदाज,
और पूछने वालो का पूछो ही मत।

उन्हें नाना प्रकार के सवालों से घेर दिया जाता है जैसे किसी मेमने को भेड़िए घेर लेते है ऐ मास्टर।

पर मैं कहता हूं कि पूछिए सवाल,
सवाल ही जिंदा रखेंगे सवालों को,
जो अक्सर दबा दिए जाते हैं,
उनके द्वारा जो पसंद नहीं करते,
न्याय, बंधुता स्वतंत्रता और समानता ऐ मास्टर


 
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