आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

कुछ गुडबाय गुडबाय नहीं होते।

                
                                                         
                            कुछ गुडबाय
                                                                 
                            
गुडबाय नहीं होते।

अक्सर उनमें छुपी होती हैं कुछ मजबूरियाँ—
मजबूरी एक अच्छी जॉब की,
मजबूरी विदेश में पढ़ने की,
और मजबूरी जाति और धर्म की।

वरना कौन-सा भँवरा छोड़ना चाहेगा अपने पसंद का बाग़?

हाँ, मिल जाता है दूसरा बाग़,
पर वो बात नहीं होती जो है गुलाब में।
वो गुलाब जो खिला है मेरे आँगन में,
जो बड़ा हुआ मेरे स्पर्श से,
जिसकी मौजूदगी में मैंने पूरे घर को ख़ुशनुमा महसूस किया।

इतने कम समय में कैसे हो सकती है
इतनी उल्फत किसी से?

कुछ गुडबाय मौन होते हैं।
उनकी आवाज़ नहीं होती।
और जितनी ही आवाज़ नहीं होती,
उतना ही वो तोड़ देते हैं इंसान को अंदर से।

जैसे नहीं सुनाई देती मन के रोने की आवाज़,
नहीं सुनाई देती भूखे पेट की आवाज़।

जैसे शांत हो जाता है समंदर
बड़े तूफ़ान से पहले,
पर वो नहीं शांत कर पाता
अपनी भीतरी हलचल को।

जैसे मौन होते हैं
अंग्रेज़ी शब्दों के कुछ अक्षर।

पर मौन हुई चीज़ हमेशा अपना अस्तित्व नहीं खोती।
वो अपना आशियाना बना लेती है
दिल के किसी कोने में।

जैसे बेटी की विदाई के वक़्त
पिता के मौन आँसू,
जो बह रहे होते हैं
दिल के अंदर ही।

भले ही पंछी छोड़ जाते हैं पेड़ों को,
पर पेड़ों के ज़हन में अक्सर गूँजा करती है
छोड़ जाने वाले पंछियों की आवाज़।

वो साथ नहीं ले जाते अपनी भावनाओं को
जो जुड़ी हैं पेड़ की उनसे।
वह इंतज़ार करता है हर शाम उनका।

और इंतज़ार करते-करते
बन जाता है फ़र्नीचर किसी घर का।

जैसे गुडबाय कर देता है बचपन
उन बच्चों का,
जो दबे हैं कम उम्र में ज़िम्मेदारियों तले।

वे नहीं जी पाते
अपने ख़ूबसूरत पलों को।

और इसी तरह बिछड़ जाते हैं
कुछ हीर-राँझे भी,
जिन्हें अक्सर बाँध लेती है
समाज, धर्म और जाति की बेड़ियाँ।

वे नहीं कर पाते
अंत समय तक गुडबाय किसी को।

और इसी तरह
अनगिनत गुडबाय घूम रहे होते हैं इस लोक में,
जो अक्सर गुडबाय नहीं होते।

और न ही कोई उनसे पूछता है—
क्या ये दिल से गुडबाय था?
-भारत भूषण
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक घंटा पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर