हर दिन कुछ नया सीख रही हूं ,
अपने आप को बेहतर बनते देख रही हूंl
जो कदम कभी-कभी लड़खड़ाते थे,
आज उस डर से जीत रही हूं।।
दुनिया की इस भीड़ में,
मैं खुद को ढूंढ रही हूं.......
मैं खुद को ढूंढ रही हूं.....
- पूजा वैश्य
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