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क्यू-आर कोड स्केनर से पैसे आ जाए भर-भर के।

                
                                                         
                            रक्षाबंधन कि एक ही आस कि पैसे नही है मेरे पास ।
                                                                 
                            
यह रेशम के धागे है,भाई पैसे लेकर भागे है।
बहना है थोड़ी लाचार आनलाइन शोपीगं का व्यापार ।
राखी बांधने का यही है आस के पैसे आ जाए बहना के पास।
बहना अबला नारी है कंज्यूमरीसम उसपे भाड़ी है,
भईया कि भी लाचारी है उनकी हवा मे ख़ुमारी है।
क्यू-आर कोड स्केनर से पैसे आ जाए भर-भर के।
पैसै नहीं ना उपहार कोई,
ऐसी रक्षाबंधन स्वीकार नही।
अबकी बार जो न हो कोई प्रबंध,
तो राखी हो जानी है बंद।
और अगर भाई मेरा भोला-भाला है,
तो इस बार मिठाई मे मिर्च-मसाला है।
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एक घंटा पहले

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