बर्तन से गिरती टपकती मुलायम मलाई दूधिया रंग की
सुहासित सुभाषित संगीत मधुर गायी
तारों को बादल में गूथ कर बनाकर सजाती है
प्रेम सागर में सावन की कविता बनाई...
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