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प्रेम की धारा अमर उजाला की

                
                                                         
                            अमर उजाला की रौशनी प्रेमी नदी है तुम्हारी,
                                                                 
                            
मुलायम बारिश से भीगी कली है तुम्हारी,
हृदय के परिचय शब्दावली में साथी एकाग्र प्रेम आग्रह संपूर्ण कर दे,
साथ में साथी संघर्ष में इतिहास रच दे जीवन सच।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
11 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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