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कुछ पल

                
                                                         
                            अश्कों को अपने पी लेता मैं
                                                                 
                            
मन की मन में सी लेता मैं
चुप रह जाता गीत न गाता तेरी बेवफ़ाई का
यदि कुछ पल तेरे संग जी लेता मैं

आज मैं बातें कल की कर लेता
कुछ पल में हर पल की कर लेता
गोदी में सर रख कर सो जाता
सपनों में थक कर सो जाता
बस इतनी-सी मोहलत दे देती
चुप रह जाता गीत न गाता तेरी बेवफ़ाई का
यदि कुछ पल तेरे संग जी लेता मैं

तारों का तराना लेकर जब
मिलने रात मुझसे आती
राग छेड़ते जुगनू जब
चुप रह जाता गीत न गाता तेरी बेवफ़ाई का
यदि कुछ पल तेरे संग जी लेता मैं।।
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4 महीने पहले

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