आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

सही मायने में है

                
                                                         
                            सही मायने में है प्रेम वही
                                                                 
                            
जो समझे अनकही बातों को,
जीवन में रहे हालात कोई
छोड़े ना कभी इन हाथों को।
ख़्यालो में वही रहे सदा
जोड़े ऐसे जज़्बातों को,
अंतर्मन में ऐसे रचे बसे
महसूस करे एहसासों को।
कोई उम्र रहे कोई राह मिले
छोड़े ना कभी मुलाक़ातों को,
जहां छल की जगह ना हो
रखें दूर सदा अपघातों को।।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
6 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर