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जबसे मिले हो तुम हमें

                
                                                         
                            जबसे मिले हो तुम हमें
                                                                 
                            
दिल में मेरे एक शोर है,
कौंधी कहीं एक बिजली सी
छायी घटा घनघोर है।

हवा में तेरा एहसास है
फ़जा में तुम्हारी बातें हैं,
दिल में तुम्हारा अक़्स है
मीठे लम्हों की बरसातें है।

कैसी है ये दिल की लगन
कैसी है अपनी बेबसी,
तुम साथ हो तो लगे हैं यूं
पा ली हैं हमने हर खुशी।

तुम्हें जाएंगे ना छोड़ कर
होना नहीं तुम भी जुदा,
जीवन के इस सफ़र में हम
कभी ना कहेंगे अलविदा।।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
6 घंटे पहले

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