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कायर कमजोर दिलों वाले,मांद में

                
                                                         
                            कायर कमजोर दिलों वाले,मांद में
                                                                 
                            
अपनी ही, होते खूंखार।
ज्यों सूनी सड़कों पर, श्वान हैं
जताते अपना सत्वाधिकार।।
अरण्य बनें उनके घर द्वार,जो सिंह बन,
किस्मत से, करते आंखें चार।।
वे क्या समझें मानवता धर्म,जो
करते हों नित रिश्तों का व्यापार।।
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2 months ago

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