मेरे प्रिय भारत तू मेरा प्रेम प्रथम है,
मैं तेरी शान बन सकूँ तू मेरा वो स्वप्न है।
कई महान हस्तियाँ तुझमे जन्मी हैं,
पर स्वयं में तू अमरण्य है।
सब तेरा ही गौरवगान करें,
सच में तू धन्य है।।
मौजूद तुझमें हर नदी, पर्वत, झरने,
सब मेरे लिए तेरा ही आलिंगन है।
प्रिय भारत तू मेरी ह्रदय स्पंदन है।।
होंगे कई ऐसे भी जो तुझे बाँटना चाहें,
पर मैं तेरे लिए ख़ुद को बाँट सकूँ तू इतना महान है।
मेरे प्रिय भारत तू मेरा भगवान है।।
तेरी खूबियों का कोई अंत नहीं,
तुझमें सर्वस्व विधमान है।
मेरा त्याग और समर्पण तेरे लिए है,
तुझ पर मेरी ज़ान न भी कुर्बान है।।
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