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तुम मिल जाओगे

                
                                                         
                            तुम मुझे मिल जाओगे
                                                                 
                            
मैं ख़ुदा से तुम्हें मांग लूंगा
मैं यूं ही बातें नहीं करता
मैं सच में तुम्हें मांग लूंगा

मतलब, रुत-ए-बहार होगी
मेरी भी देहलिज़ ख़ुश-नुमा होगी
पर, मैं ये वादा नहीं करता
मैं, शायद तुम्हें मांग लूंगा

मैं हर ख़ुदा से तुम्हारी तलब करूंगा
हर आसमां पर तुम्हारा चेहरा सजाऊंगा
मुझे ज़माने के इल्म से कोई दिलचस्पी नहीं
मेरी किसी ख़ुदा से कोई रुसवाई नहीं

मैं चाहे पत्थर में ख़ुदा ढूंढूंगा
या प्रेम ही को ख़ुदा मान लूंगा
नहीं तो कोई ख़्याल ऐसा बना लूंगा
कि हर हाल में तुम्हें मांग लूंगा

मैं जब कभी तुम्हें सोचूंगा
तुम्हें ख़ुद से ज़्यादा ही सोचूंगा
और जब ख़ुदा मेरी ख़्वाहिश पूछेगा
मैं उस पल सिर्फ़ तुम्हें सोचूंगा

और फ़िर तुम मुझे मिल जाओगे
मैं बा-ख़्वाहिश ख़ुदा से तुम्हें मांग लूंगा
पर, तुम्हारे सिवा मेरा कोई ख़ुदा भी नहीं
फिर, तुम्हीं से तुम्हें कैसे मांग लूंगा
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3 घंटे पहले

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