जो भरा नहीं है स्वदेश प्यार से
जिसके अंदर हुंकार नहीं है
जो भरा नहीं मातृ,पितृ प्यार से
वह वीर नहीं जिसके अंदर ललकार नहीं है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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