मेरे सामने से मेरा बेटा चला गया
मैं खड़े-खड़े देखता रह गया
पहले उसकी बारी नहीं थी
उसके जाने की कोई तैयारी नहीं थी
जो पहले आया
वह यहीं रह गया
जो बाद में आया
चला पहले वही गया।
- सहज कुमार
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