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वीर अब्दुल हमीद

                
                                                         
                            गाजीपुर के धामूपुर का वीर सिपाही
                                                                 
                            
वह देश का दीवाना था
था वह अमर सिपाही
वह असली मर्दाना था
एक जीप से सात पैंटन टैंक मार गिराया
तब तक एक बम गोला कहीं से आया
वीरगति को प्राप्त हुआ वह माई का लाल
1965 के पाक युद्ध में जिसने किया कमाल
उसको सलाम
उसको प्रणाम
जिसने लेकर हथेली पर जान
लड़ कर युद्ध घोर घमासान
बढ़ाया हमारे हिंदुस्तान को
नमन उनके बड़े बलिदान को
उस वीर अमर जवान को।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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