जब जब पड़ोसी पर आए अकाल
हम करते सहायता सहज तत्काल
पर पड़ोसी भूल जाता सहयोग हमारा
बन जाता है शत्रु हमारा
मिल कर हमारे शत्रुओं से रचता जाल
तो भी पड़ोसी का करते हम मदद हर हाल।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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