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ओ हिमालय!

                
                                                         
                            ओ मेरे हिमालय!
                                                                 
                            
ओ मेरे साहसी हिमालय!
ओ मेरे ऊंचे हिमालय!
ओ मेरे प्यारे हिमालय!
तेरे कदमों में है हिंदुस्तान
तेरे जड़ों में है हिंदुस्तान
तेरे कदमों में है गंगा का मैदान
तू हिंद का मुकुट
तेरा मुकुट
है एवरेस्ट
जो करे न रेस्ट
है तू सोया सदियों से
तुम्हें जगा रहे हम सदियों से
जगो हिमालय हमारे
जगो हिमालय प्यारे
जगो, जगाओ हिंदुस्तान को
जगो, जगाओ जवान को।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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48 मिनट पहले

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