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मैं हिंद की आवाज हूं

                
                                                         
                            मैं हिंद की आवाज हूं
                                                                 
                            
मैं पंछियों में बाज हूं
मैं वीर जांबाज हूं
मैं वीर जवान हूं
मैं भारत मां की जुबान हूं
मैं वीर बलवान हूं
मैं हिंदुस्तान हूं
मैं तूफान हूं
मैं ताज हूं
मैं आज हूं
मैं हिंद की पहचान हूं
मैं नहीं अनजान हूं
मैं नदियों में गंगा
है मेरे हाथ में तिरंगा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
18 घंटे पहले

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