आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

लक्ष्य बड़ा बनाओ

                
                                                         
                            जो घोर श्रम करता है
                                                                 
                            
वह गरीब नहीं रहता है
जो ईमान पर टिकता है
वह नहीं कहीं झुकता है
कामचोरों! श्रम करो
श्रम करने में न शर्म करो
अपने प्यारे हिंद को विकसित बनाना है
सबको बड़ा सपना देखना सिखाना है
सबको बड़ा लक्ष्य बनाना सिखाना है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
40 मिनट पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर