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लिखता मैं,"अंगार"

                
                                                         
                            मैं लिखता हूं," अंगार"
                                                                 
                            
आप कहते हैं," लिखो, श्रृंगार"
मैं लिखता," ललकार "
आप कहते हैं," लिखो प्यार "
मैं लिखता हूं," हुंकार "
आप कहते हैं," लिखो दुलार "
मैं लिखता हूं," टंकार "
आप कहते हैं," लिखो, पुचकार "
कैसे लिख दूं," मैं चाटुकार?"
जबकि मैं लिखता हूं," विरोध धुआंधार"
यह सब संभव नहीं है,"यार!"
मेरे दिल में," सुलगती चिंगारी "
करता मैं जीत की तैयारी
कैसे लिख दूं," हार की तैयारी?"
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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एक घंटा पहले

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