वर्षा घाम जाड़ा से वे डरें जो रूई के बने हैं
हम क्यों डरें जब हम फौलाद के बने हैं ?
इच्छा शक्ति को फौलादी बनाओ
फिर चुनौतियों से लड़ कर विजय पाओ।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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