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ले लीजिए सब कुछ आप भगवान।

                
                                                         
                            शब्दों से क्या खुश करूं?
                                                                 
                            
कहां से शुरू करूं?
शब्द मेरे पास नहीं
अब्द मेरे पास नहीं
प्यार करने के लिए
इजहार करने के लिए
बोलिए भगवान!
क्या करूं दान?
पुष्प भी आपका
अक्षत आपका
पैसा रुपया सब आपका
मंदिर,मस्जिद सब आपका
गुरूद्वारा,गिरिजा सब आपका
मेरा क्या कुछ नहीं,मैं आपका
खुद को भी क्या समर्पित करूं?
मैं क्या अर्पित करूं?
मैं क्या समर्पित करूं?
आपका आसमान
आपका मकान
आपका मैदान
रात आपका,आपका विहान
ले लीजिए सब कुछ आप भगवान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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21 घंटे पहले

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