कौन आया आज अभी बाहर?
गया दरवाजा मेरा खटखटा कर
अरे! हवा थी हवा, देखा मैं जाकर
हर बार
बार बार
क्यों पवन आएगा?
क्यों कोई यों दरवाजा खटखटाएगा?
देखो,जाकर
ईश्वर होंगे ईश्वर!
ईश्वर बिना बताए आते हैं
दरवाजा खटखटाते हैं
कोई नहीं आता तो चले जाते हैं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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