देख शत्रु को खून खौल रहा है
मेरे अंदर का शेर बोल रहा है
ललकार दो
हुंकार दो
निकाल तोप तलवार लो
सीखो नहीं शीष झुकाना
शीष कटा कर आना
जंग जीत कर आना।
- सहज कुमार
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