हृदय से बोलो
नहीं तो मुंह मत खोलो
हृदय के ताले को, प्यार की चाभी से खोलो
हृदय के तराजू पर शब्दों को रख के तोलो
नहीं तो मुंह मत खोलो।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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