चाहता हूं
देश बदल दूं
दुनिया बदल दूं
चाहता हूं
शत्रुओं को कुचल दूं
एक गीत ऐसा लिख दूं
कि सारा संसार एक हो जाए
और सारे संसार में क्रांति आए
और सारा संसार बदल जाए।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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