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कर्म की चाभी से खोलने का प्रबंध है

                
                                                         
                            भाग्य मेरा,मेरी मुठ्ठी में बंद है
                                                                 
                            
कर्म की चाभी से खोलने का प्रबंध है
भाग्य अपना मैं खोल दूंगा
कर्म करके पूरा मोल दूंगा
भारत मां सपूत हूं मैं बोल दूंगा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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27 minutes ago

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