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आव त गया नगरी

                
                                                         
                            धन्य धन्य बा गया नगरी
                                                                 
                            
ई बसल बा फल्गु के कगरी
इहा गूंजेला परदेशी के कजरी
नमवा फैलल बा देख सगरी
ह ई धार्मिक नगरी
ह ई ऐतिहासिक नगरी
ह ई सांस्कृतिक नगरी
ह ई बुद्ध के नगरी
ह ई गयासुर के नगरी
बाड़ी ईहा मां मंगला गौरी
ह ई "सहज कुमार" के नगरी
ह ई पिंडदान के नगरी
छलके ईहा कविता के गगरी
ह ई काव्य संध्या के नगरी
आव तनी तू गया नगरी
आव त तू आजाद पार्क के कगरी
ह ई अनारसा, तिलकुट के नगरी
ह ई बेजोड़ नगरी
नइखे कउनो जोड़ सगरी
ह ई पठारी नगरी
ह ई बड़ी प्यारी नगरी
हम अईनी २०२३ में एही नगरी
एक बेर तू हूं आव एह नगरी
बा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा एही नगरी।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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50 मिनट पहले

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