दूर होने से कुछ नहीं होता जानम,
इस दिल से खुद को मिटा दो तो जानूं मैं।
मेरी हर सांस पर हक बस तुम्हारा ही है,
तुम मुझे किसी और का बना दो तो जानूं मैं।
चेहरा छुपा के गुज़र तो जाते हो करीब से,
इन आंखों से अपनी सूरत मिटा दो तो जानूं मैं।
दावा है तुम्हारा कि भूल चुके हो मुझको,
ख्वाबों में आना तुम भुला दो तो जानूं मैं ।
लफ्ज़ लिखते हैं मेरे सिर्फ तेरे प्यार की बातें,
तुम खुद को मेरे पन्नों से मिटा दो तो जानूं मैं।
-अनिला विर्णवे
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