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ग़मों की उम्र ज्यादा हो गई है

                
                                                         
                            ग़मों की उम्र ज्यादा हो गई है
                                                                 
                            
जिंदगी बे इरादा हो गई है
खुशी की मिन्नतें करता हूं फिर भी
वो जाने पर आमादा हो गई है
मुझे हर चीज धुंधली दिख रही है
शराब आज ज्यादा हो गई है
न जाने कब मिटा दे खाक कर दे
मोहब्बत वो शरारा हो गई है
सियासतदान लड़ते जा रहे हैं
सियासत बेसहारा हो गई है
बहुत कम झूठ वैसे बोलता हूं
तबीयत अब तो सादा हो गई है
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42 मिनट पहले

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