पड़ा उल्टा हमेशा दाव मेरा
लहक उठता पुराना घाव मेरा
मुझे देखो न यूं आंखें न फाड़ो
समझ पाओगे क्या बदलाव मेरा
किसी तूफान की आहट भी सुन लो
न देखो सिर्फ तुम ठहराव मेरा
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