बुलाएगी, नहीं जाना
रिझाएगी, नहीं जाना
मुहब्बत बेख़ुदी देगी
रुलाएगी, नहीं जाना
गए तो, जान जाएगी
सताएगी, नहीं जाना।
मियां दिल पे रखो काबू
नचाएगी, नहीं जाना।
बचाओ अपना दामन खुद
जलाएगी, नहीं जाना।
-पंडित अनिल
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