लोगों ने बस देखी लबों की मुस्कान रे
नैनों का दर्द नैना ही समझे
बाकी सब रहे अंजान रे
फिर किस से शिकायत
फिर कैसी शिकायत
मनवा करें नादान रे
रिश्ते - नातों के मोती
टूट के बिखर गए
समय की धार
देखों कितनी
बलवान रे ।।
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