दुनिया आजकल डिजिटल हो गई है
E-mail के जमाने में
अब चिट्ठी कोई लिखता नहीं
मिट्टी का खिलौना अब बिकता नहीं
Messages में कसमें वादे निभा रहे हैं
बोलते हैं परिवार की अब आवयश्कता नहीं
Whatsapp का Hi तो है पर
यारो के घर की चाय नहीं
Smiley हमारी जगह मुस्कुरा रहे हैं
दिल में छुपी बैचेनियों का उपाय नहीं
Facebook insta पर group हैं to be in touch
पर सामने कभी बात करते नहीं बात है ये सच
अब किसी के मौत पे आँसुओ की जगह
Twitter के RIP की हो गई है
ज़िन्दगी बिना पानी के नारियल जैसी हो गयी है
दुनिया आजकल डिजिटल हो गयी है
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