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ये तड़प है सिर्फ़ तुमको और तुमको पाने की।

                
                                                         
                            हो गए इस बात को अब तो कई साल,
                                                                 
                            
पर लगता है जैसे हो कल ही की बात।
एक पल के लिए नहीं जाती है दिल से तुम्हारी याद,
तुम भी बोलो, क्या तुमको भी आती है मेरी याद?
कर दिया तुमने मुझको खुद से दूर,
या कहीं मैं ही हो गया था तुम्हारे दिल से दूर?
एक-एक दिन एक सदी के जैसे है गुज़रता,
आज भी तुमको याद करके है मेरा दिन गुज़रता।
ये तड़प है हर वक़्त मुझको तड़पाती,
ये तड़प है सिर्फ़ तुमको और तुमको पाने की।
 
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एक घंटा पहले

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