ये तो लोगों ने दुनियादारी सीखने पर मजबूर कर दिया,
वरना हम शायर
खुशियाँ मनाते,
पहाड़ों पर जाते,
कोई गीत गुनगुनाते,
किसी को अपनी प्रेमिका बनाते,
माँ से खूब बातें करते
और...
फिर से बच्चे हो जाते।
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