पेड़ सिर्फ़ छाँव नहीं
घर की दीवारें भी होते हैं
पेड़ों का स्वभाव है घर होना
मैंने नहीं सोचा कभी
किसी थके हुए पाँव का रुक जाना
मैंने माना, वे शायद पेड़ हो जाते होंगे
जंगल में सबसे पहले आश्रय किसका हुआ?
छाया का!
पेड़ों ने सदियों
अपनी हथेलियों पर झेला है धूप को
और कहलाए हैं सबसे पहले पहरेदार
घर हो जाना
पेड़ों ने, पहरेदार हो जाने के बाद ही जाना
वे जानते हैं
अकेला रहना आसान नहीं
इसलिए वे हो जाते हैं सघन
और शाखाओं में थामते हैं
परिंदों की उड़ानें सारी
पेड़ सिर्फ़ छाँव नहीं
...कि उनकी जड़ें
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