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स्वर्णतुल्य भारत

                
                                                         
                            हे भारत तुझ पर क्या लिखूं?
                                                                 
                            
हे आर्यव्रत तुझ पर कितना लिखूं?
इतना विशाल! तेरा आकार है,
इतना विस्तृत! तेरा इतिहास है
इतनी सुनहरी! तेरी ख्याति है
इतनी गौरवशाली! तेरी गाथा है

उत्तर का हिमालय लिखूं या
दक्षिण का हिन्द महासागर लिखूं?
पूर्व के वर्षावन लिखूं या
पश्चिम का रेगिस्तान लिखूं?
ऐ मेरे विविध! भारत,
तेरा मैं क्या चित्रण करूँ?

ऋग्वेद के श्लोक लिखूं या
यजुर्वेद का यज्ञ लिखूं?
सामवेद के गीत लिखूं या
अर्थवेद के मंत्र लिखूं?
मार्गदर्शन मेरे वैदिक! भारत,
तेरा मैं क्या वर्णन करूँ?

श्रीराम का त्याग लिखूं या
रावण का अहंकार लिखूं?
देवी सीता का सतीत्त्व लिखूं या
राजधर्म की विवशता लिखूं?
हे मेरे मर्यादित! भारत,
तेरा मैं कैसे विवरण दूँ ?

श्रीकृष्ण की भगवद गीता लिखूं या
भीष्म की भीष्म प्रतिज्ञा लिखूं?
श्रेष्ठ अर्जुन का समर्पण लिखूं या
दानवीर कर्ण की मित्रता लिखूं?
ऐ मेरे धर्मनिष्ठ! भारत,
तुझे मैं कैसे अभिव्यक्त करूँ?

आम्भी का देशद्रोह लिखूं या
पोरस की वीरता लिखूं?
चाणक्य का अपमान लिखूं या
चंद्रगुप्त की महानता लिखूं?
मार्गदर्शन मेरे अखंड! भारत,
तेरा मैं किस प्रकार कथन करूँ?

सोने की चिड़िया लिखूं या
शस्त्र-तज्ञों की नाकामी लिखूं?
देशी तलवार-भालों की कला लिखूं या
विदेशी बंदूकों-तोपों की गर्जना लिखूं?
बता मेरे अभागे! भारत,
तेरी मैं कैसे व्याख्या करूँ?

अकबर की कूटनीति लिखूं या
महाराणा का स्वाभिमान लिखूं?
औरंगज़ेब के अत्याचार लिखूं या
छत्रपति का हिन्दवी स्वराज लिखूं?
हे मेरे वीरभद्र! भारत,
तेरी मैं किस प्रकार विवेचना करूँ?

57 के लाल अंगार लिखूं या
तिलक का हक़ स्वराज्य लिखूं?
भगत सिंह का बलिदान लिखूं या
सुभाष बोस की फ़ौज लिखूं?
बता मेरे जुझारू! भारत,
तेरा मैं क्या गुणगान करूँ?

62 की शर्मनाक हार लिखूं या
65 का जवान-किसान लिखूं?
71 का सैम मानिकशॉ लिखूं या
99 का विक्रम बत्रा लिखूं?
ऐ मेरे सामर्थ्यवान! भारत,
तेरा मैं कैसे निरूपण करूँ?

सुखस्य मूलं धर्म लिखूं या
साम दाम दंड भेद लिखूं ?
अहिंसा परमो धर्म: लिखूं या
भय बिन होये न प्रीत लिखूं?
मार्गदर्शन मेरे शास्त्र-तज्ञ! भारत,
तेरी गौरवगाथा मैं कैसे कहूं?

आर्यभट का शून्य लिखूं या
भह्मगुप्त का वर्गमूल लिखूं?
भास्कर का अंक-बीज लिखूं या
रामनार्जुन के सिद्धांत लिखूं?
हे मेरे गणितिज्ञ! भारत,
तुझे मैं कैसे अभिव्यक्त करूँ?

कालिदास का मेघदूत लिखूं या
रामधारी की रश्मिरथी लिखूं?
टैगोर की चित्त भयशून्य लिखूं या
बंकिम का वंदे मातरम लिखूं?
बता मेरे साहित्यकार! भारत,
तेरा मैं किस प्रकार कथन करूँ?

तमिल का भरतनाटयम लिखूं या
कश्मीरी रऊफ लिखूं?
गुजरात का गरबा लिखूं या
असम का बीहू-नाच लिखूं?
बोल मेरे नटराज! भारत,
तेरा मैं क्या चित्रण करूँ?

महात्मा बुद्ध की अहिंसा लिखूं या
श्री महावीर का अनेकानंतवाद लिखूं?
गुरु नानक का सेवा-भाव लिखूं या
आध्यात्म की प्रासंगिकता लिखूं?
ऐ मेरे समावेशी! भारत,
तेरा मैं क्या वर्णन करूँ?

शंकराचार्य की मठ परंपरा लिखूं या
दयानंद का आर्य समाज लिखूं?
विवेकानंद का रामकृष्ण मिशन लिखूं या
प्रभुपाद की इस्कॉन स्थापना लिखूं?
मार्गदर्शन मेरे स्वर्ग-सरीखे! भारत,
तेरी मैं कैसे व्याख्या करूँ?

तानसेन की तान लिखूं या
हरिप्रसाद की बांसुरी लिखूं?
बिस्मिल्लाह की शहनाई लिखूं या
तबलावादक ज़ाकिर हुसैन लिखूं?
बता मेरे संगीतकार! भारत,
तेरा मैं कैसे विवरण दूँ ?

किशोर की बहुमुखी प्रतिभा लिखूं या
रफ़ी की मधुर आवाज़ लिखूं
सरस्वती समान लता लिखूं या
सोनु निगम की भाव-पूर्णता लिखूं?
हे मेरे कला-मर्मज्ञ! भारत,
तेरा मैं कैसे निरूपण करूँ?

परमाणु में जहांगीर लिखूं या
अंतरिक्ष में साराभाई लिखूं?
अभियांत्रिकी में विश्वेश्वरय्या लिखूं या
प्रक्षेपास्त्रों में अब्दुल कलाम लिखूं?
मार्गदर्शन मेरे वैज्ञानिक! भारत,
तेरी मैं कैसे व्याख्या करूँ?

सावित्री की असंभव ज़िद लिखूं या
रानी पद्मावती का जौहर लिखूं?
अहिल्याबाई के मंदिर लिखूं या
इंदिरा गांधी का नेतृत्व लिखूं?
हे मेरे नारीशक्ति सम्पन! भारत,
तेरा मैं कैसे गुणगान करूँ?

खेती में हरित क्रांति लिखूं या
दुग्ध की श्वेत क्रांति लिखूं ?
विश्व का औषधालय लिखूं या
मंगलयान की उपलब्धि लिखूं?
बता मेरे आत्मनिर्भर! भारत,
तेरा मैं किस प्रकार कथन करूँ?

शतरंज में विश्वनाथ लिखूं या
क्रिकेट में तेंदुलकर लिखूं?
हॉकी में ध्यानचंद लिखूं या
वॉलीबॉल में जिमी जॉर्ज लिखूं?
हे मेरे प्रतिभावान! भारत,
तेरा मैं कैसे विवरण दूँ?

मेरी सब कलमें टूट जाएँगी और
सारी स्याही खत्म हो जाएगी
मेरी भाषाएं खत्म हो जाएँगी और
शब्द कम पड़ जायेंगे
तुझको परिभाषित करते करते प्यारे भारत,
मेरे कई जनम निकल जायेंगे !
- अमन गोयल
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3 वर्ष पहले

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