जब भी पड़ी जरूरत मोहब्बत की मुझको
मां ने अपनी सारी मोहब्बत दे डाली
क्या क्या सुनाऊं मैं किस्से मां की मोहब्बतों के
मुझे पढ़ाने के लिए उसने अपनी जेवर भी बेच डाली।।
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