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वजह और जंग

                
                                                         
                            ना तलवार से ना गन से ना वार से सुलझे, 
                                                                 
                            
यहाँ मसले कई पुराने सिर्फ बात से सुलझे,
ये सच है युद्ध के बाद भी होती है बातचीत,
फिर भी कुछ देश यहाँ बात बात पर उलझे!!

लगा कर इलजाम वो बगावत का,
तबाह कर देते हैं पूरे शहर के शहर,
बस यही एक पैतरा लगा के लोग,
एक एक करके समाज से उलझे!!
- Mohammad Mateem Mansoori✍️
जीवनदर्शन
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2 वर्ष पहले

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